भारत के लोक नृत्य
आजी लामू, अरुणाचल प्रदेश
लोक नृत्य: परिभाषा
किसी भी सामाजिक समूह
द्वारा पीढ़ी दर पीढ़ी परंपरित वह प्रदर्शन जो लय, ताल
आधारित शारीरिक गतियों तथा मुद्राओं के माध्यम
से अभिव्यक्त होते हों उसे लोक नृत्य कहा जायगा
। गीत लोक नृत्य के लिए वैकल्पिक है , अनिवार्य नहीं । युद्ध
नृत्य प्राय: ताल और लय आधारित होते हैं।
वर्गीकरण
प्रस्तुति शिल्प तथा उद्देश्य
के आधार पर भारतीय लोक नृत्यों को निम्नलिखित प्रकारों में विभाजित किया जा सकता है-
1. आनुष्ठानिक (Ritualistic)
2. आखेटक (Hunting)
3. युद्ध नृत्य (Martial)
4. उत्सव नृत्य (Celebrative)
भारत के विभिन्न राज्यों
के प्रतिनिधि नृत्य
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राज्यों के नाम |
प्रतिनिधि नृत्य |
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असम |
बीहू, ओजा पाली , देवधनी, ग्वालिनी , |
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अरुणाचल प्रदेश |
रिखम्पदा, सेला पेठा |
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आंध्र प्रदेश |
लमबाडी |
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बिहार |
लंगरे , बहा, करम , कठघोरबा, फाग, झिझिया |
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छत्तीसगढ़ |
राऊत नाच, पंथी नृत्य, गौड माड़िया |
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गोवा |
ढालो, घोड़े मोदनी , देखनी , धनगर नृत्य |
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गुजरात |
गरवा, डांडिया , सिद्धि धमाल |
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हरियाणा |
लूर , डफ , धमाल |
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हिमाचल प्रदेश |
नाटी, छम |
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झारखंड |
झूमर , फिरकल , सरहुल , करम |
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कर्नाटक |
डोल्लू कुनिथा , नागमंडला |
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केरल |
तेय्यम, ओप्पना , |
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मध्य प्रदेश |
मटकी , जवारा , बधाई |
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महाराष्ट्र |
लावणी, कोली नृत्य , धनगरी गाजा |
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मणिपुर |
पुंग चोलम , ढोल चोलम, लाई हरोबा |
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मेघालय |
नोङ्ग्क्रेम नृत्य, शाद वाइकिंग , वांगला, लाहो |
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मिज़ोरम |
चेराव,छैलाम , सालोकीय |
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नागालैंड |
शंकई , मोयशाई , जीलांग |
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ओडिशा |
डंडा नृत्य, गोटी पुआ , रनपा , डलखाइ |
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पंजाब |
भांगड़ा, गिद्धा |
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राजस्थान |
कालबेलिया, घुमर, तेरहताली, |
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सिक्किम |
संगिनी , मारूनी, जोमालोक, |
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तमिलनाडू |
पुलियट्टम, पोइक्कल कुथिराइ अट्टम , |
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तेलंगगाना |
गुस्साडी, ओगगु कथा, गोल्ला कलापम, |
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त्रिपुरा |
होजागीरी, लेबांग बूमानी, |
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उत्तर प्रदेश |
चरकुला , फरवाही , |
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उत्तराखंड |
छोलिया, झोरा |
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पश्चिम बंगाल |
छऊ, रायबेन्सी |
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केंद्र शासित |
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अंडमान व निकोबार द्वीप समूह |
ओसरी , ओंगी |
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चंडीगढ़ |
भांगड़ा |
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दादरा और नगर हवेली |
तड़पा, भावडा, तूर ,घेरिया |
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दिल्ली |
गुजरी, |
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लक्षद्वीप |
लावा |
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पुडुचेरी |
गराडी |
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जम्मू कश्मीर |
रौफ , छकरी |
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लद्दाख |
सापो ,कोशन |
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